वर्ल्डकप गँवाने के बाद भी नहीं खुल रही हैं भारतीय चयनकर्ताओं की आँख, फिर से की वही गलती
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भारतीय टीम जो वर्ल्डकप-2019 की प्रबल दावेदार थी, जिसने वर्ल्डकप में सबसे ज्यादा मैच जीतकर अंक तालिका में पहला स्थान प्राप्त किया था, उसी भारतीय टीम को सेमीफइनल में एक शर्मनाक हार का सामना कर वर्ल्डकप-2019 से बाहर होना पड़ा था.
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वर्ल्डकप गँवाने के बाद फिर एक बार भारतीय टीम के मध्यक्रम बल्लेबाजी कमजोरी सामने आई थी, जिसके बाद लगा कि शायद अब चयनकर्ता मध्यक्रम बल्लेबाजी पर ध्यान देंगे लेकिन वेस्टइंडीज दौरे के लिए घोषित की गई भारतीय टीम को देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि अब भी चयनकर्ता भारतीय टीम की मुख्य कमजोरी की तरफ ध्यान दे ही नहीं रहे हैं और एक बार फिर वही बड़ी गलती कर रहे हैं.
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वेस्टइंडीज दौरे पर 8 अगस्त से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित कर दी है जिसमें एक बार फिर सारी जिम्मेदारी टॉप आर्डर ही संभालता दिख सकता है क्योंकि मध्यक्रम बल्लेबाजी जो भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई है उसके लिए कुछ किया ही नहीं गया है.
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चयनकर्ताओं ने एक बार फिर मध्यक्रम के लिए मनीष पांडे, श्रेयस अय्यर जैसे उन खिलाड़ियों का चयन किया है जो हमेशा ही टॉप आर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं. इसके अलावा केदार जाधव के चयन पर तो कई दिग्गज क्रिकेटरों ने भी एतराज उठाया है. उनका मानना है कि चयनकर्तओं को अब आने वाले विश्वकप को मद्देनजर रखते हुए खिलाड़ियों का चयन करना चाहिए था लेकिन टीम देखकर लग रहा है जैसे वह बस इस वनडे सीरीज को जीतना चाहते हैं.
चयनकर्तओं को थोड़ा साहसभरा फैसला लेते हुए मध्यक्रम में कुछ नए युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए था लेकिन वह सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इस सीरीज के बारे में ही सोच रहे हैं.



