हैट्रिक लेने के बाद ये क्या कह दिया मोहम्मद शमी ने, खड़ा हुआ बड़ा विवाद
अबतक भारत ने विश्वकप जीतने के लिए सबसे प्रबल दावेदारी पेश की है क्योंकि 5 मुकाबलों में भारत को एक भी हार का सामना करना नही पड़ा है। ये बात कहना गलत नही होगा के इस प्रतियोगिता की सबसे कमजोर टीम अफगानिस्तान ने भारत को सबसे ज्यादा टक्कर दी है।
पहले तो अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ों ने लाजवाब गेंदबाज़ी कर भारत को 224 पर ही रोक दिया और इसके बाद अच्छी बल्लेबाज़ी भी की किन्तु अंत मे जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के लाजवाब स्पेल के कारण भारत ने आखरी ओवर में ये मुकाबला जीता। मोहम्मद शामी ने तो हैट्रिक लेकर भारत को यह मुकाबला जितवाया। मोहम्मद शमी भारत के दूसरे गेंदबाज़ बने जिन्होंने विश्वकप में हैट्रिक लिया चेतन शर्मा के बाद।
मैच के बाद हीरो मोहम्मद शमी ने आखरी ओवर में अपनी रणनीति के बारे बात करते हुए कहा- " कुछ नही यार, सिंपल सा प्लान था के आपको 16 रन दिए गए है और 6 गेंद डालनी है, एक ही रणनीति था आपको खुद को बैक करना है,एक्सीक्यूट करना है और ज्यादा विचलित नही होना है।"
अपने वापसी पर बात करते हुए शमी ने कहा -" बतौर खिलाड़ी काफी मेन्टल प्रेशर रहता है,जब आप देखते हैं के आप जहां भी खेले है आपने प्रदर्शन किया है लेकिन मौका नही मिल रहा था तो फ्रस्ट्रेशन तो रहता है थोड़ा सा दिमाग मे लेकिन आपको ठंडे रहना होगा।"
शमी के इस बयान के बाद काफी विवाद खड़े हुए है और ये सही भी है क्योंकि शमी ने पिछले 4 महीनों में हर फॉर्मेट में लाजवाब प्रदर्शन किया था और विश्वकप से पहले प्रथम विकल्प थें लेकिन विश्वकप में भुवनेश्वर कुमार को मौका मिलने लगा।
पहले तो अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ों ने लाजवाब गेंदबाज़ी कर भारत को 224 पर ही रोक दिया और इसके बाद अच्छी बल्लेबाज़ी भी की किन्तु अंत मे जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के लाजवाब स्पेल के कारण भारत ने आखरी ओवर में ये मुकाबला जीता। मोहम्मद शामी ने तो हैट्रिक लेकर भारत को यह मुकाबला जितवाया। मोहम्मद शमी भारत के दूसरे गेंदबाज़ बने जिन्होंने विश्वकप में हैट्रिक लिया चेतन शर्मा के बाद।
मैच के बाद हीरो मोहम्मद शमी ने आखरी ओवर में अपनी रणनीति के बारे बात करते हुए कहा- " कुछ नही यार, सिंपल सा प्लान था के आपको 16 रन दिए गए है और 6 गेंद डालनी है, एक ही रणनीति था आपको खुद को बैक करना है,एक्सीक्यूट करना है और ज्यादा विचलित नही होना है।"
अपने वापसी पर बात करते हुए शमी ने कहा -" बतौर खिलाड़ी काफी मेन्टल प्रेशर रहता है,जब आप देखते हैं के आप जहां भी खेले है आपने प्रदर्शन किया है लेकिन मौका नही मिल रहा था तो फ्रस्ट्रेशन तो रहता है थोड़ा सा दिमाग मे लेकिन आपको ठंडे रहना होगा।"
शमी के इस बयान के बाद काफी विवाद खड़े हुए है और ये सही भी है क्योंकि शमी ने पिछले 4 महीनों में हर फॉर्मेट में लाजवाब प्रदर्शन किया था और विश्वकप से पहले प्रथम विकल्प थें लेकिन विश्वकप में भुवनेश्वर कुमार को मौका मिलने लगा।

