3 कारण जो साबित करते हैं विश्व कप में विराट कोहली को कप्तान बनाकर बीसीसीआई ने कर दी गलती
15 अप्रैल को विश्व कप 2019 के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया था. भारत के विश्व कप की कप्तानी विराट कोहली को मिली है. आज हम आपकों अपने इस ख़ास लेख में तीन ऐसे कारण बताएंगे, जिनसे यह साबित होता है, कि विश्व कप 2019 के लिए विराट कोहली एक आदर्श कप्तान नहीं है.
आईपीएल से गिरा हुआ है कप्तानी का मनोबल
विश्व कप से पहले भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की कप्तानी का मनोबल गिरा हुआ हैं. दरअसल, विराट कोहली की टीम आरसीबी इस आईपीएल में कुल 14 मैच खेली थी. जिसमे से मात्र 5 मैच ही वो जीत पाई और 8 में उसे हार का सामना करना पड़ा था. एक मैच उसका बेनतीजा रहा था.
आरसीबी की टीम को शुरूआती 6 मैचों में लगातार हार का सामना करना पड़ा था. आरसीबी 8वे स्थान पर रही थी. आरसीबी टीम के इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद विराट की कप्तानी का मनोबल गिरा हुआ है, इसलिए कहीं ना कहीं विश्व कप में विराट को कप्तानी देकर चयनकर्ताओं ने एक बड़ी भूल कर दी है.
अहम मौकों पर फैसले लेने में हैं+ फिसड्डी
विराट कोहली अपनी कप्तानी में अहम मौकों पर फैसले लेने में फिसड्डी हैं. इस आईपीएल में कई बार नाजुक मौकों पर उन्हें गलत फैसले लेते देखा गया था.
फिर चाहे वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के दौरान हार्दिक पांड्या के सामने नवदीप सैनी जैसे गेंदबाज को छोड़ पवन नेगी जैसे गेंदबाज से गेंदबाजी कराना हो, या वाशिंगटन सुंदर जैसे अच्छे खिलाड़ी को बैंच में बैठाना हो.
वह डीआरएस लेने में भी जल्दबाजी कर देते हैं और कई बार उन्हें डीआरएस में फेल होते हुए देखा गया है, इसलिए अहम मौकों पर अच्छे फैसले लेने में वह फिसड्डी साबित होते हैं. कहीं ना कहीं यह कारण भी उन्हें विश्व कप के लिए एक अच्छा कप्तान साबित नहीं करता है.
जज्बातों पर नहीं रख पाते हैं काबू
विश्व कप एक ऐसा टूर्नामेंट है, जहां पर आपकों कूल रहकर कप्तानी करनी होती है, तभी आपकी टीम अच्छा कर पाती है, लेकिन विराट कोहली एक ऐसे कप्तान हैं, जो अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाते हैं और हमेशा ही काफी गुस्से में और आक्रामक रवैये के साथ मैदान पर कप्तानी करते हैं. कहीं ना कहीं उनकी यह बात भी उन्हें विश्व कप 2019 के लिए एक आदर्श कप्तान नहीं बनाता है.

